
बिहार की Politics में एक बार फिर बड़ा टकराव देखने को मिला है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य में सिर्फ एक महीने के भीतर 8681 बच्चे गायब हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और NDA सरकार पर तीखा हमला बोला। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में Law and Order पूरी तरह कमजोर हो चुका है और सरकार सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह गई है। बिहार Politics में यह मामला तेजी से चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है।
दरअसल, हाल के दिनों में बिहार में लगातार अपराध और बच्चों के लापता होने के मामलों को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि NDA सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि कई जिलों से लगातार बच्चों के गायब होने की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई बेहद धीमी है। इसी बीच विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। Bihar Politics के जानकार मानते हैं कि आने वाले महीनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
वहीं दूसरी तरफ जेडीयू और बीजेपी नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। सरकार की ओर से कहा गया कि कई मामलों में बच्चों को सुरक्षित खोज लिया गया है और पुलिस लगातार अभियान चला रही है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि सिर्फ आंकड़े पेश कर देने से स्थिति नहीं बदलेगी। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि NDA सरकार जनता का भरोसा खो रही है और युवाओं के बीच नाराजगी बढ़ रही है। बिहार Politics में पिछले कुछ हफ्तों से रोजगार, महंगाई और अपराध जैसे मुद्दों पर लगातार बयानबाजी तेज हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या यह विवाद आगामी चुनावी रणनीति को प्रभावित करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार में NDA और महागठबंधन दोनों ही जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला बड़ा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। विपक्ष लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि नई सरकार प्रशासनिक मोर्चे पर कमजोर साबित हो रही है। दूसरी ओर बीजेपी और जेडीयू नेताओं का दावा है कि राज्य में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और विपक्ष सिर्फ भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। Bihar Politics में यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है।
इसी बीच आरजेडी ने कई जिलों में विरोध कार्यक्रम चलाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच जाकर सरकार की नीतियों को मुद्दा बनाएं। तेजस्वी यादव लगातार सोशल Media और जनसभाओं के जरिए NDA सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में युवा वोटरों और बेरोजगारी का मुद्दा पहले से ही गर्म है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और अपराध से जुड़े मामले चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना सकते हैं।
बिहार Politics में पिछले कुछ महीनों से लगातार नेतृत्व परिवर्तन, गठबंधन समीकरण और चुनावी रणनीति चर्चा में रही है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की राजनीति नई दिशा में जाती दिख रही है। ऐसे में विपक्ष हर बड़े मुद्दे को सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि NDA इस मुद्दे पर जनता को कितना संतुष्ट कर पाती है और आने वाले चुनावों में इसका क्या असर दिखाई देता है।











