Samrat chowdhary
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है जहां सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इतिहास रचते हुए BJP के पहले CM बने। 57 वर्षीय नेता ने सत्ता संभालते ही 29 विभाग अपने पास रखे हैं, जिसमें Home Ministry भी शामिल है। यह फैसला राज्य में मजबूत केंद्रीकृत नेतृत्व का संकेत देता है, खासकर तब जब लंबे समय तक Nitish Kumar ने 21 साल तक शासन किया था।
दरअसल शपथ ग्रहण समारोह पटना के लोक भवन में आयोजित हुआ जहां राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी पहले Deputy CM रह चुके हैं और अब उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली है। इसी बीच गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए JD(U) के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को Deputy CM बनाया गया है। यह राजनीतिक समीकरण NDA के भीतर संतुलन को मजबूत करता दिख रहा है।
अगर विभागों की बात करें तो सम्राट चौधरी ने Home Ministry के साथ Agriculture, Health, Tourism, Art and Culture और Sports जैसे अहम विभाग अपने पास रखे हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और राज्य सुरक्षा पर उनकी सीधी पकड़ रहेगी। वहीं Deputy CM विजय कुमार चौधरी को 10 विभाग दिए गए हैं जिनमें Water Resources, Education, Transport और Rural Development शामिल हैं। दूसरी तरफ बिजेंद्र प्रसाद यादव को Energy और Finance समेत कुल 8 विभाग सौंपे गए हैं।
इस बदलाव का असर राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों पर देखने को मिल सकता है। जानकारों के अनुसार इतने बड़े पैमाने पर विभाग अपने पास रखना एक मजबूत नियंत्रण की रणनीति है जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। हालांकि विपक्ष ने इस पर सवाल भी उठाए हैं और राज्य के विकास, रोजगार और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। अब सवाल यह है कि क्या यह नया मॉडल बिहार को तेजी से आगे बढ़ा पाएगा या फिर चुनौतियां और बढ़ेंगी।
वहीं केंद्र से भी इस बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में बिहार के विकास की उम्मीद जताई है। NDA के सहयोगी Chirag Paswan ने भी कहा कि राज्य अब नए चरण में प्रवेश करेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। इससे यह साफ है कि सम्राट चौधरी को केंद्र का पूरा समर्थन हासिल है।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। 2017 में BJP में शामिल होने के बाद उन्होंने तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की और 2023 में राज्य अध्यक्ष बने। 2025 विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति और सामाजिक समीकरणों ने NDA को मजबूत जीत दिलाई। ऐसे में उनका CM बनना BJP की लंबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब आने वाले समय में उनकी नीतियां और फैसले तय करेंगे कि बिहार की राजनीति और विकास की दिशा किस ओर जाती है।











