india-israel-partnership
भारत और इज़राइल के बीच 26-27 फरवरी 2026 की अवधि में एक नया राजनयिक अध्याय शुरू हुआ जब दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के रूप में बढ़ा दिया। यह कदम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच वार्ता के दौरान तय हुआ, जिसके तहत कुल **17 MoU और समझौते** पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों में रक्षा, डिजिटल, कृषि, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। :contentReference[oaicite:0]{index=0}
इस नई साझेदारी में सबसे प्रमुख है भारत की Unified Payments Interface (UPI) प्रणाली को इज़राइल में अपनाने के लिए दोनों पक्षों का समझौता। UPI को इज़राइल में लॉन्च करने के निर्णय से दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान और वित्तीय सहयोग को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है। भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत यह डिजिटल सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दोनों देशों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे Free Trade Agreement (FTA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। FTA पर बातचीत के पहले दौर को पूरा कर लिया गया है और आगे की विस्तृत चर्चा से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। FTA के साथ ही व्यापारिक बाधाओं को कम करके भारत-इज़राइल आर्थिक साझेदारी में नई ऊर्जा आएगी।
रणनीतिक साझेदारी का एक और अहम हिस्सा रक्षा सहयोग है। दोनों देशों ने मिलकर रक्षा उत्पादों के संयुक्त विकास और उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है, जिसमें तकनीक के हस्तांतरण पर जोर दिया गया है। इससे दोनों देशों की रक्षा तथा सुरक्षा क्षमता को लंबी अवधि में मजबूती मिलेगी। इसके अलावा उभरती तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और क्वांटम टेक्नोलॉजी में भी सहयोग बढ़ेगा।
भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत हस्ताक्षरित 17 MoU में कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, विज्ञान एवं अनुसंधान, डिजिटल अवसंरचना और रक्षा जैसे क्षेत्रों में विस्तृत सहयोग शामिल है। दोनों देशों ने साझा आर्थिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए साझा दृष्टिकोण अपनाया है। यह साझेदारी उन वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में भी मदद करेगी, जिनका सामना दोनों देशों को मिलकर करना है।
नए समझौतों का लक्ष्य न केवल रक्षा और डिजिटल सहयोग को मजबूत करना है, बल्कि दोनों देशों के बीच **व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान** को भी बढ़ावा देना है। इस प्रकार, भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी 2026 को यह संदेश देती है कि दोनों देशों के बीच सहयोग अब तकनीकी, आर्थिक और सुरक्षा के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है, जिससे द्विपक्षीय रिश्ते और अधिक व्यापक व गहरे होंगे।










