Vietnam की सबसे बड़ी EV कंपनी VinFast ने अगस्त 2025 में तमिलनाडु के थूथुकुडी में अपना $500 मिलियन का प्लांट शुरू कर दिया है। यह भारत में किसी विदेशी प्योर-प्ले EV मेकर का पहला स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग बेस है। कंपनी ने $2 बिलियन के कुल निवेश की योजना बनाई है और 50,000 यूनिट्स की वार्षिक क्षमता को 150,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से 3,000 से ज्यादा स्थानीय नौकरियां पैदा होंगी। VinFast एशिया के CEO फाम सान्ह चाऊ ने कहा कि यह फैक्टरी दक्षिण एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के लिए एक्सपोर्ट हब बनेगी।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है और यहां EV अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। 2024 में 1.1 लाख से ज्यादा फोर-व्हीलर EV बिके, जबकि 2019 में सिर्फ 1,841 यूनिट्स थे। सरकार का लक्ष्य 2030 तक पैसेंजर व्हीकल सेल्स का एक-तिहाई EV करना है। लेकिन दोपहिया और तिपहिया वाहन अभी भी 86% EV बिक्री पर कब्जा जमाए हुए हैं।
VinFast की भारत रणनीति: लोकल मैन्युफैक्चरिंग और चरणबद्ध लॉन्च
VinFast ने भारत के लिए खास तौर पर VF6 और VF7 SUV डिजाइन किए हैं। ये मॉडल ग्लोबल लाइनअप से अलग हैं — कंपनी प्रीमियम पोजिशनिंग के साथ अफोर्डेबल प्राइसिंग चाहती है। दोनों मॉडल लोकली असेंबल हो रहे हैं। दिसंबर 2025 में VinFast ने 400+ यूनिट्स डिलीवर करके टॉप-4 EV ब्रांड्स में जगह बनाई, पीछे केवल Tata Motors, JSW MG Motor और Mahindra & Mahindra थे।
अगले चरण में VF3 कॉम्पैक्ट SUV, Limogreen इलेक्ट्रिक MPV और एंट्री-लेवल VF5 की संभावना तलाशी जा रही है। CEO चाऊ के मुताबिक हर छह महीने में एक नया प्रोडक्ट लॉन्च होगा ताकि ग्राहक हर ऑफरिंग को समझ सकें और कंपनी कंट्रोल्ड तरीके से स्केल कर सके। 32 डीलरशिप 27 शहरों में बनाने का करार हो चुका है, हालांकि Hyundai के 1,300 टचपॉइंट्स के मुकाबले यह अभी छोटा नेटवर्क है।
Green SM: VinFast समर्थित राइड-हेलिंग सर्विस की एंट्री
जून 2026 में VinFast समर्थित इलेक्ट्रिक टैक्सी ऑपरेटर Green SM ने भारत में ऑपरेशन शुरू किया। यह साउथईस्ट एशिया के बाहर इसका पहला विस्तार है। वियतनाम में Green SM ने Xanh SM ब्रांड के तहत VinFast की चार्जिंग कंपनी V-Green के साथ मिलकर पूरा इकोसिस्टम खड़ा किया है। इंडोनेशिया में भी यही प्लेबुक दोहराई गई — दिसंबर 2024 में Xanh SM जकार्ता पहुंची, मार्च 2025 में 2,500 VinFast EV शिप हुए और 50,000 यूनिट्स वाला असेंबली प्लांट साल के अंत तक चालू होगा। भारत में भी फ्लीट और इंस्टीट्यूशनल सेल्स पर जोर रहेगा ताकि वॉल्यूम और ब्रांड विजिबिलिटी दोनों बढ़ें।
साउथईस्ट एशिया का बड़ा खेल: इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड
VinFast का एशिया पिवट अमेरिका और यूरोप में नाकामी के बाद आया। 2024 में 97,000 गाड़ियां बिकीं लेकिन 90% घरेलू बाजार में। इंडोनेशिया टेस्टिंग ग्राउंड बना — VF3 की कीमत 22.7 करोड़ रूपिया ($13,700) रखी गई जबकि BYD Dolphin 36.9 करोड़ रूपिया ($22,000) में बिकती है। निकल-समृद्ध इंडोनेशिया लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर एक्स्ट्रा इंसेंटिव देता है। फिलीपींस में एक्सपोर्ट शुरू हो चुका है, थाईलैंड में लॉन्च डिले हुआ क्योंकि वहां प्राइस वॉर चल रहा था। मिडिल ईस्ट में स्ट्रैटेजी अलग है — ओमान और UAE में डीलरशिप साइन हुई हैं, VF8 $47,500 पर लक्जरी सेगमेंट टार्गेट कर रहा है, लेकिन Tesla और BYD पहले से मजबूत हैं।
भारतीय बाजार का कम्पटीशन: टाटा का दबदबा, चीनी ब्रांड्स की मुश्किल
2020 के बॉर्डर टकराव के बाद भारत ने BYD जैसी चीनी कंपनियों को अपना प्लांट लगाने से रोक दिया। SAIC (MG Motor) ने JSW ग्रुप से पार्टनरशिप की — MG Windsor ने 9 महीने में 30,000 यूनिट्स बेचकर Tata का EV मार्केट शेयर 70% से घटाकर ~50% कर दिया। Tata Nexon EV 2020 में भारत की पहली मास-मार्केट EV सफलता बनी। Mahindra, Hyundai, Mercedes-Benz और Audi अलग-अलग प्राइस पॉइंट्स पर मजबूत हैं। Tesla Model Y भारत में ~$80,000 (करीब ₹67 लाख) पर लॉन्च हुई जबकि US में $44,990 है — हाई इम्पोर्ट ड्यूटी की वजह से।
VinFast के पास चीनी प्रतिद्वंद्वियों वाला जियोपॉलिटिकल बैगेज नहीं है। लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर लोअर लैंड प्राइस और टैक्स ब्रेक मिलते हैं। लेकिन चुनौतियां कम नहीं: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शहरों के बाहर अनिश्चित है, भारतीय खरीददार EV को सेकेंड कार मानते हैं, और भरोसा जीतने में वक्त लगेगा। JMK Research के विवेक गुलिया कहते हैं, "शुरुआत में लोग apprehensive होंगे। प्राइसिंग सही रही और क्वालिटी साबित हुई तो वे अच्छा कर सकते हैं।"
क्या कोई और SEA ब्रांड भी कतार में है?
रिसर्च में VinFast और इसके इकोसिस्टम पार्टनर्स (Green SM, V-Green) के अलावा किसी दूसरे साउथईस्ट एशियाई ऑटो ब्रांड के भारत प्रवेश की ठोस जानकारी नहीं मिली। VinFast का फोकस इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस पर है — लेकिन ये इसके अपने एक्सपेंशन हैं, न कि दूसरे ब्रांड्स के भारत आने के संकेत। इंडियन मार्केट की जटिलता, रेगुलेटरी लैंडस्केप और स्थापित खिलाड़ियों की मौजूदगी नए प्रवेशकों के लिए हाई बैरियर बने हुए हैं।
भारत की EV कहानी अभी शुरुआती दौर में है। VinFast का प्रयोग यह तय करेगा कि क्या कोई और SEA ब्रांड इस रास्ते पर चलने की हिम्मत जुटा पाता है। तब तक, VinFast और उसका इकोसिस्टम ही भारत में वियतनामी ऑटो इंवेजन का चेहरा बने रहेंगे।
FAQs
VinFast की भारत में फैक्टरी कहां है और इसकी क्षमता क्या है?
तमिलनाडु के थूथुकुडी में स्थित इस प्लांट की शुरुआती क्षमता 50,000 यूनिट्स सालाना है जिसे 150,000 तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने $500 मिलियन का शुरुआती निवेश किया है और कुल $2 बिलियन निवेश की योजना है।
VinFast भारत में कौन से मॉडल लॉन्च करेगी?
पहले चरण में VF6 और VF7 SUV लोकली असेंबल हो रहे हैं। अगले चरण में VF3 कॉम्पैक्ट SUV, Limogreen इलेक्ट्रिक MPV और एंट्री-लेवल VF5 पर विचार चल रहा है। हर छह महीने में एक नया प्रोडक्ट लाने की योजना है।
Green SM क्या है और यह भारत में क्या करेगी?
Green SM VinFast समर्थित इलेक्ट्रिक टैक्सी ऑपरेटर है जिसने जून 2026 में भारत में ऑपरेशन शुरू किया। यह वियतनाम के Xanh SM मॉडल पर आधारित है और फ्लीट/इंस्टीट्यूशनल सेल्स के जरिए वॉल्यूम और ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाएगी।
चीनी EV ब्रांड्स को भारत में क्या दिक्कतें हैं?
2020 के बॉर्डर टकराव के बाद भारत ने BYD जैसी कंपनियों को अपना प्लांट लगाने से रोक दिया। MG Motor (SAIC) को JSW ग्रुप से पार्टनरशिप करनी पड़ी। हाई इम्पोर्ट ड्यूटी और जियोपॉलिटिकल टेंशन चीनी ब्रांड्स के लिए बड़ी बाधा हैं।
VinFast के लिए भारत में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, EV को सेकेंड कार मानने वाली मानसिकता, Tata/Mahindra जैसे स्थापित खिलाड़ियों का दबदबा, और नए ब्रांड पर भरोसा बनाने में लगने वाला वक्त। प्राइसिंग और क्वालिटी ही निर्णायक होंगे।










