बिहार Rajya Sabha नामांकन में अमित शाह पटना पहुंचे
बिहार की राजनीति में 5 मार्च 2026 का दिन काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि Rajya Sabha चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन राजधानी पटना में बड़ी राजनीतिक गतिविधि देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे पटना पहुंचे और NDA उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन ने भी Rajya Sabha के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। बिहार विधानसभा परिसर में दोपहर लगभग 1:30 बजे से 2 बजे के बीच NDA के सभी उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य की राजनीति में यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आगामी Rajya Sabha चुनाव बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाले हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने बिहार से दो प्रमुख उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें पार्टी के प्रमुख नेता नितिन नवीन और संगठन से जुड़े नेता शिवेश कुमार शामिल हैं। दोनों नेता NDA गठबंधन के समर्थन से Rajya Sabha के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। बिहार में इस बार कुल 5 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिनके लिए नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 तय की गई थी। इसके बाद 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी जबकि उम्मीदवार 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को होगा और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती भी की जाएगी। इस तरह बिहार की इन सीटों के जरिए Rajya Sabha की नई संरचना तय होगी।
राजनीतिक हलकों में इस नामांकन के दौरान एक और मुद्दा चर्चा में रहा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी Rajya Sabha जाने की संभावना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। जदयू के कुछ नेताओं की बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हुई कि मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए संसद के उच्च सदन का रास्ता चुन सकते हैं। हालांकि NDA के कई वरिष्ठ नेताओं ने इन अटकलों को ज्यादा महत्व नहीं दिया और कहा कि सरकार पूरी मजबूती से काम कर रही है। बिहार की राजनीति में यह चर्चा इसलिए भी तेज रही क्योंकि राज्य में 2025 विधानसभा चुनाव के बाद NDA को 243 में से 202 सीटों के साथ बड़ी जीत मिली थी।
बिहार के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी इसी चरण में Rajya Sabha चुनाव हो रहे हैं। कुल 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए यह चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं। विभिन्न दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। महाराष्ट्र में NDA गठबंधन ने रामदास अठावले, विनोद तावड़े, रामराव वाडकुटे और माया चितामन इवनाटे को उम्मीदवार बनाया है। ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को मैदान में उतारा गया है जबकि पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा उम्मीदवार हैं। इन सभी सीटों के जरिए संसद के उच्च सदन Rajya Sabha की संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मौजूदा कई सांसदों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। इसी कारण राजनीतिक दल अपनी रणनीति के तहत नए चेहरों को संसद के उच्च सदन में भेजने की तैयारी कर रहे हैं। बिहार में नितिन नवीन का नामांकन इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वह पहले से ही बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और बैंकिपुर विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं। इस बार उनका Rajya Sabha के लिए मैदान में उतरना पार्टी संगठन और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका को और मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पटना में हुए इस नामांकन कार्यक्रम के दौरान NDA के कई नेता और विधायक भी मौजूद रहे। विधानसभा परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी पहुंचे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में Rajya Sabha चुनाव केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि राज्य की भविष्य की राजनीति का संकेत भी बन सकते हैं। आने वाले दिनों में नामांकन की जांच और उम्मीदवारों की अंतिम सूची के बाद यह साफ हो जाएगा कि 16 मार्च को होने वाले मतदान में मुकाबला कितना दिलचस्प रहने वाला है और कौन-कौन नेता संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में पहुंचेंगे।











